kya haseen raat hai is raat se darte kyun ho | क्या हसीं रात है इस रात से डरते क्यूँँ हो

  - Akhtar Azad
क्याहसींरातहैइसरातसेडरतेक्यूँँहो
गएहोतोमुलाक़ातसेडरतेक्यूँँहो
नामआताहैमिराजबभीकिसीमहफ़िलमें
येबताओकिसवालातसेडरतेक्यूँँहो
दिललुभानेकेभीअंदाज़हुआकरतेहैं
मस्तआँखोंकेइशारातसेडरतेक्यूँँहो
कईबरसातकेमौसमहैंमिरीआँखोंमें
आतीजातीहुईबरसातसेडरतेक्यूँँहो
लोगअच्छोंकोभीदुनियामेंबुराकहतेहैं
क्याकहेगाकोईइसबातसेडरतेक्यूँँहो
ज़िंदगीमिलतीहैइंसानकोजीनेकेलिए
मुस्कुरातेरहोसदमातसेडरतेक्यूँँहो
ज़िक्र-ए-माज़ीकेतसव्वुरसेपरेशाँहोकर
ज़िंदारहनाहैतोहालातसेडरतेक्यूँँहो
  - Akhtar Azad
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