hañs hañs kar aañsu pee jaana aap ke bas ki baat nahin | हँस हँस कर आँसू पी जाना आप के बस की बात नहीं

  - Akhtar Azad
हँसहँसकरआँसूपीजानाआपकेबसकीबातनहीं
अपनेघरमेंआगलगानाआपकेबसकीबातनहीं
दीवानोंकीआँखेंभीआईनेजैसेहोतीहैं
दीवानोंसेआँखमिलानाआपकेबसकीबातनहीं
अबतोमौतउठाएहमकोतोशायदहमउठजाएँ
हमकोअपनेदरसेउठानाआपकेबसकीबातनहीं
हरइकगामपेउसकीगलीमेंतंज़केपत्थरचलतेहैं
उसकीगलीमेंआना-जानाआपकेबसकीबातनहीं
यूँँतोहमनेआपकीख़ातिरहोशगँवाएजोगलिया
लेकिनअबहमकोसमझानाआपकेबसकीबातनहीं
आपकीयेतन्हाईइकदिनमेरानामपुकारेगी
उलझीहुईज़ुल्फ़ेंसुलझानाआपकेबसकीबातनहीं
  - Akhtar Azad
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