jis ke dil men koi armaan nahin hota hai | जिस के दिल में कोई अरमान नहीं होता है

  - Akhtar Azad
जिसकेदिलमेंकोईअरमाननहींहोताहै
मेरीनज़रोंमेंवोइंसाननहींहोताहै
ख़ुद-कुशीजुर्मसमझतेहैंज़मानेवाले
जानदेनाकोईआसाननहींहोताहै
हरघड़ीदिलमेंरहाकरताहैयादोंकाहुजूम
येवोघरहैकभीवीराननहींहोताहै
भूली-बिसरीहुईयादेंभीरुलादेतीहैं
बे-सबबकोईपरेशाननहींहोताहै
वहशत-ए-दिलकातक़ाज़ाहैकिबसप्यारकरो
प्यारकेसौदेमेंनुक़साननहींहोताहै
उम्र-भरकेलिएजाओमिरेदिलमेंरहो
अपनेघरमेंकोईमेहमाननहींहोताहै
हुस्न-ए-अख़्लाक़सेमाँ-बापकीख़िदमतकरना
फ़र्ज़तोहोताहैएहसाननहींहोताहै
  - Akhtar Azad
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