fasurda ho ke maykhaane se nikle | फ़सुर्दा हो के मयख़ाने से निकले

  - Akhtar Ansari Akbarabadi
फ़सुर्दाहोकेमयख़ानेसेनिकले
यहाँभीअपनेबेगानेसेनिकले
शफ़क़कारंगगहराकरगएऔर
जोशो'लेमेरेकाशानेसेनिकले
ज़रागर्दिश-ए-दौराँठहरना
वोनिकलेरिंदमयख़ानेसेनिकले
ग़म-ए-दिलकाअसरहरबज़्ममेंहै
सबअफ़्सानेउसअफ़्सानेसेनिकले
कियाआबादवीरानेकोहमने
हमींआबादवीरानेसेनिकले
जोपहुँचेदारतकमंसूरथेवो
हज़ारोंरिंदमयख़ानेसेनिकले
निकलतेहमग़म-ख़ानेसे'अख़्तर'
हसींमौसमकेबहकानेसेनिकले
  - Akhtar Ansari Akbarabadi
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