jin pe ajal taari thii un ko zinda karta hai | जिन पे अजल तारी थी उन को ज़िंदा करता है

  - Akbar Hyderabadi
जिनपेअजलतारीथीउनकोज़िंदाकरताहै
सूरजजलकरकितनेदिलोंकोठंडाकरताहै
कितनेशहरउजड़जातेहैंकितनेजलजातेहैं
औरचुप-चापज़मानासबकुछदेखाकरताहै
मजबूरोंकीबातअलगहैउनपरक्याइल्ज़ाम
जिसकोनहींकोईमजबूरीवोक्याकरताहै
हिम्मतवालेपलमेंबदलदेतेहैंदुनियाको
सोचनेवालादिलतोबैठासोचाकरताहै
जिसबस्तीमेंनफ़सा-नफ़सीकाक़ानूनचले
उसबस्तीमेंकौनकिसीकीपर्वाकरताहै
प्यारभरीआवाज़कीलयमेंमद्धमलहजेमें
तन्हाईमेंकोईमुझसेबोलाकरताहै
उसइकशम-ए-फ़रोज़ाँकेहैंऔरभीपरवाने
चाँदअकेलाकबसूरजकाहल्क़ाकरताहै
रूहबरहनानफ़्सबरहनाज़ातबरहनाजिसकी
जिस्मपेवोक्याक्यापोशाकेंपहनाकरताहै
अश्कोंकेसैलाब-ए-रवाँको'अकबर'मतरोको
बहजाएतोबूझयेदिलकाहल्काकरताहै
  - Akbar Hyderabadi
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