door tak bas ik dhundlaka gard-e-tanhaai ka tha | दूर तक बस इक धुँदलका गर्द-ए-तन्हाई का था

  - Akbar Hyderabadi
दूरतकबसइकधुँदलकागर्द-ए-तन्हाईकाथा
रास्तोंकोरंजमेरीआबला-पाईकाथा
फ़स्ल-ए-गुलरुख़्सतहुईतोवहशतेंभीमिटगईं
हटगयासायाजोइकआसेब-ए-सहराईकाथा
तोड़हीडालासमुंदरनेतिलिस्म-ए-ख़ुद-सरी
ज़ोमक्याक्यासाहिलोंकोअपनीपहनाईकाथा
औरमुबहमहोगयापैहममुलाक़ातोंकेसाथ
वोजोइकमौहूमसारिश्ताशनासाईकाथा
ख़ाकबनकरपत्तियाँमौज-ए-हवासेजामिलीं
देरसे'अकबर'गुलोंपरक़र्ज़पुरवाईकाथा
  - Akbar Hyderabadi
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