hain sau tarah ke rang har ik naqsh-e-paa men dekh | हैं सौ तरह के रंग हर इक नक़्श-ए-पा में देख

  - Akbar Hyderabadi
हैंसौतरहकेरंगहरइकनक़्श-ए-पामेंदेख
इंसाँकाहुस्नआइना-ए-इर्तिक़ामेंदेख
यूँँहीनहींयेबरतरी-ए-नस्ल-ए-आदमी
गुज़रेहैंकैसेहादसेसई-ए-बक़ामेंदेख
सर्फ़-ए-नज़रहैंवक़्तकीपिन्हाइयाँतमाम
दुनिया-ए-ना-रसामिरीफ़िक्र-ए-रसामेंदेख
येरौशनीतोलौहैइसीइकचराग़की
तज़ईन-ए-दहरज़ेहनकीनशो-ओ-नुमामेंदेख
इसकारोबारजान-ओ-जसदपरनिगाहडाल
हैंकैसीकैसीने'मतेंआब-ओ-हवामेंदेख
याँकितनेलोगमरकेअमरहोगएपूछ
क्यासूरतेंबक़ाकीहैंराह-ए-फ़नामेंदेख
सुनतोख़िराम-ए-वक़्तमेंहैंकैसीआहटें
क्यारंगपुर-फ़िशाँहैंग़ुबार-ए-हवामेंदेख
'अकबर'हैएकमहशर-ए-इल्म-ओ-ख़बरदिमाग़
शोर-ए-हयातख़ाना-ए-बीम-ओ-रजामेंदेख
  - Akbar Hyderabadi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy