ghutan azaab-e-badan ki na mirii jaan men la | घुटन अज़ाब-ए-बदन की न मेरी जान में ला

  - Akbar Hyderabadi
घुटनअज़ाब-ए-बदनकीमेरीजानमेंला
बदलकेघरमिरामुझकोमिरेमकानमेंला
मिरीइकाईकोइज़हारकावसीलादे
मिरीनज़रकोमिरेदिलकोइम्तिहानमेंला
सख़ीहैवोतोसख़ावतकीलाजरखलेगा
सवालअर्ज़-ए-तलबकादरमियानमेंला
दिल-ए-वजूदकोजोचीरकरगुज़रजाए
इकऐसातीरतूअपनीकड़ीकमानमेंला
हैवोतोहद्द-ए-गिरफ़्त-ए-ख़यालसेभीपरे
येसोचकरहीख़यालउसकाअपनेध्यानमेंला
बदनतमामउसीकीसदासगूँजउठे
तलातुमऐसाकोईआजमेरीजानमेंला
चराग़-ए-राहगुज़रलाखताबनाकसही
जलाकेअपनादियारौशनीमकानमेंला
ब-रंग-ए-ख़्वाबसहीसारीकाएनात'अकबर'
वजूद-ए-कुलकोअंदेशा-ए-गुमानमेंला
  - Akbar Hyderabadi
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