निगह-ए-शौक़सेहुस्न-ए-गुल-ओ-गुलज़ारतोदेख
आँखेंखुलजाएँगीयेमंज़र-ए-दिलदारतोदेख
पैकर-ए-शाहिद-ए-हस्तीमेंहैइकआँचनई
लज़्ज़त-ए-दीदउठाशोला-ए-रुख़्सारतोदेख
शोख़ी-ए-नक़्शकोईहादसा-ए-वक़्तनहीं
मोजज़ा-कारी-ए-ख़ून-ए-दिल-ए-फ़नकारतोदेख
हरदुकाँअपनीजगहहैरत-ए-नज़्ज़ाराहै
फ़िक्र-ए-इंसाँकेसजाएहुएबाज़ारतोदेख
बनगएगर्द-ए-सफ़रक़ाफ़िलेआवाज़ोंके
आदम-ए-नौकीज़रागर्मी-ए-रफ़्तारतोदेख
मुंक़लिबहोगयापैमाना-ए-हर-पस्त-ओ-बुलंद
देखकरअपनीतरफ़जानिब-ए-कोहसारतोदेख
नएआहंगसेअबनग़्मा-सराहै'अकबर'
फ़िक्रकेसाथज़राशोख़ी-ए-गुफ़्तारतोदेख