haan yahii shahar mire KHvaabon ka gahvaara tha | हाँ यही शहर मिरे ख़्वाबों का गहवारा था

  - Akbar Hyderabadi
हाँयहीशहरमिरेख़्वाबोंकागहवाराथा
इन्हीगलियोंमेंकहींमेरासनम-ख़ानाथा
इसीधरतीपेथेआबादसमन-ज़ारमिरे
इसीबस्तीमेंमिरीरूहकासरमायाथा
थीयहीआब-ओ-हवानश्व-ओ-नुमाकीज़ामिन
इसीमिट्टीसेमिरेफ़नकाख़मीरउट्ठाथा
अबदीवारोंसेनिस्बतहैबाम-ओ-दरसे
क्याइसीघरसेकभीमेराकोईरिश्ताथा
ज़ख़्मयादोंकेसुलगतेहैंमिरीआँखोंमें
ख़्वाबइनआँखोंनेक्याजानिएक्यादेखाथा
मेहरबाँरातकेसाएथेमुनव्वरऐसे
अश्कआँखोंमेंलिएदिलयेसरासीमाथा
अजनबीलगतेथेसबकूचाबाज़ार'अकबर'
ग़ौरसेदेखातोवोशहरमिराअपनाथा
  - Akbar Hyderabadi
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