gul tha bulbul thii gulistaan men magar tu hi na tha | गुल था बुलबुल थी गुलिस्ताँ में मगर तू ही न था

  - Ajmal Siddiqui
गुलथाबुलबुलथीगुलिस्ताँमेंमगरतूहीथा
क्यागुलिस्ताँवोगुलिस्ताँथाअगरतूहीथा
शोर-ओ-हंगामातो'आशिक़कोनहींदेताहैज़ेब
सबहीज़ख़्मीथेवहाँज़ेर-ओ-ज़बरतूहीथा
रंगकितनेथेमगरतुझकोथाशौक़-ए-हयात
हम-सफ़रकितनेथेमुश्ताक़-ए-सफ़रतूहीथा
चाहशोहरतकिकरपरतूयूँँरुस्वातोहो
तेरीख़ातिरथीसजीबज़्म-ए-हुनरतूहीथा
कैसामंज़रहोबिनानूर-ए-नज़रकुछभीनहीं
कैसेमंज़रथेपरनूर-ए-नज़रतूहीथा
मुझकोख़दशाथाकितूजादूहैपरछूहीलिया
वहीआख़िरकोहुआजिसकाथाडरतूहीथा
आश्नातूहीथाशे'रोंकेइशारोंसेमिरे
क्याहीफिरकरताभलाअर्ज़-ए-हुनरतूहीथा
  - Ajmal Siddiqui
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