alag alag taaseeren in ki ashkon ke jo dhaare hain | अलग अलग तासीरें इन की, अश्कों के जो धारे हैं इश्क़ में टपकें तो हैं मोती, नफ़रत में अंगारे हैं

  - Ajmal Siddiqui
अलगअलगतासीरेंइनकी,अश्कोंकेजोधारेहैंइश्क़मेंटपकेंतोहैंमोती,नफ़रतमेंअंगारेहैं
तुमसेमिलकरखिलउठताथा,तुमसेछूटकेफीकाहूँ
रंगरेज़मिरेचेहरेकेसारेरंगतुम्हारेहैं
गरमीकीलूमेंतपनेकेब'अदहीपानीकाहैमज़ा
तुझकोजीतनाआसाँथा,हमजानकेतुझकोहारेहैं
पुर्वाईमेरीख़ुशबूउसचौखटकेदमसेहै
तूभीगुज़रकेदेखजहाँमैंनेकुछलम्हेगुज़ारेहैं
मुँहसेबताओयाबताओतुमहमकोदिलकीबातें
जान-ए-मनयेनैनतुम्हारे,येजासूसहमारेहैं
ऐसीबातमिलनमेंकबहोगीजैसीइसपलमेंहै
सबकेबीचमेंमैंहूँ,वोहैओरख़ामोशइशारेहैं
तेरेमुँहपरतेरीहमनेकभीकीता'रीफ़ज़रा
लिखनेबैठेतोकाग़ज़पररखदिएचाँदसितारेहैं
  - Ajmal Siddiqui
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