khat jo tere naam likha takie ke neeche rakhta hooñ | ख़त जो तेरे नाम लिखा, तकिए के नीचे रखता हूँ

  - Ajmal Siddiqui
ख़तजोतेरेनामलिखा,तकिएकेनीचेरखताहूँ
जानेकिसउम्मीदपेयेतावीज़दबाकेरखताहूँ
ताकिइकइकलफ़्ज़मिरेलहजेमेंतुझसेबातकरे
ख़तकेहरहरलफ़्ज़कोख़तपरख़ूबपढ़ाकेरखताहूँ
आसपेतेरीबिखरादेताहूँकमरेकीसबचीज़ें
आसबिखरनेपरसबचीज़ेंख़ुदहीउठाकेरखताहूँ
एकज़रासादर्दमिलाऔरकाग़ज़कालेकरडाले
एकज़रासेहिज्रपेइकहंगामामचाकेरखताहूँ
अंबर,मुश्कीं,रूह-ए-बहाराँजान-फ़ज़ामौज-ए-बहिश्त
इकतेरीनिस्बतसेक्याक्यानामसबाकेरखताहूँ
  - Ajmal Siddiqui
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