qalam ho jaa.e sar parwa na karna | क़लम हो जाए सर पर्वा न करना

  - Ajiz Matvi
क़लमहोजाएसरपर्वाकरना
अमीर-ए-शहरकोसज्दाकरना
कियातर्क-ए-तअ'ल्लुक़तुमनेबेहतर
मगरउसकाकहींचर्चाकरना
मुझेतुर्बतमेंअज़-हदआफ़ियतहै
मसीहाअबमुझेज़िंदाकरना
बढ़ाताहैकसलदूरी-ए-मंज़िल
ख़याल-ए-वुसअ'त-ए-सहराकरना
कठिनहोजाएगीमंज़िल-शनासी
कभीमस्ख़उनकानक़्श-ए-पाकरना
मोहब्बतमेंयेहैदस्तूर-ए-दुनिया
ज़रासीबातकोइफ़्शाकरना
येहैअबइकतरीक़ागुफ़्तुगूका
किसीकेसामनेलबवाकरना
तुम्हारेमुँहपेवोसचबोलदेगा
मुक़ाबिलअपनेआईनाकरना
मुनासिबहैकि'आजिज़'तौबाकरलो
तज़हीक-ए-मय-ओ-मय-ख़ानाकरना
  - Ajiz Matvi
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