hon tum ko mubarak laal-o-guhar ham le ke ye daulat kya karte | हों तुम को मुबारक लाल-ओ-गुहर हम ले के ये दौलत क्या करते

  - Ajiz Matvi
होंतुमकोमुबारकलाल-ओ-गुहरहमलेकेयेदौलतक्याकरते
हरशयकोफ़नाहोनाहैअगरतोधनसेमोहब्बतक्याकरते
सदशुक्रवोथेमाइल-ब-करममरऊबथेरोब-ए-हुस्नसेहम
उनसेअहवाल-ए-दिल-ए-पुर-ग़मकहनेकीजसारतक्याकरते
हमसहतेरहेज़ुल्मऔरजफ़ायेसोचकेमुँहसेकुछकहा
टलताहैकहींक़िस्मतकालिखाफिरउनसेशिकायतक्याकरते
ज़ाहिरमेंकरमपरमाइलहैंआदाकीसफ़ोंमेंशामिलहैं
अपनेहीहमारेक़ातिलहैंग़ैरोंसेशिकायतक्याकरते
क्यूँँडरसेहोताचेहराधूलशीशेकाहमाराजोथामकाँ
जोसंग-ब-कफ़आएथेयहाँहमउनसेबग़ावतक्याकरते
येकामथाबसतुमसेमुमकिनमजबूररहे'आजिज़'हरछन
तुमनेतोशिकायतकीलेकिनहमतुमसेशिकायतक्याकरते
  - Ajiz Matvi
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