jahaan na dil ko sukoon hai na hai qaraar mujhe | जहाँ न दिल को सुकून है न है क़रार मुझे

  - Ajiz Matvi
जहाँदिलकोसुकूनहैहैक़रारमुझे
येकिसमक़ामपेलेआईयाद-ए-यारमुझे
येबातसचहैमैंबर्ग-ए-ख़िज़ाँ-रसीदाहूँ
मगरसलामकियाकरतीहैबहारमुझे
सितमयेहैवोकभीभूलकरनहींआया
तमामउम्ररहाजिसकाइंतिज़ारमुझे
बसअपने-आपसँवरनाभीकोईबातहुई
तूअपनीज़ुल्फ़कीसूरतकभीसँवारमुझे
अबसहैदोस्तोतशरीह-ए-वादा-ए-फ़र्दा
अबइसकाज़िक्रभीहोताहैनागवारमुझे
तमामउम्रझुलसतारहामैंसहरामें
कहींशजरनज़रआयासाया-दारमुझे
बहार-ए-नौयेहक़ीक़तहैयाफ़रेब-ए-निगाह
लिबास-ए-गुलनज़रआताहैतारतारमुझे
गुनाहजिससेसरज़दहुआहो'आजिज़'
उसीकोहक़हैवोकहदेगुनाहगारमुझे
  - Ajiz Matvi
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