vo pahli jaisi vahshatein vo haal hi nahin raha | वो पहली जैसी वहशतें वो हाल ही नहीं रहा

  - Aitbar Sajid
वोपहलीजैसीवहशतेंवोहालहीनहींरहा
किअबतोशौक़-ए-राहत-ए-विसालहीनहींरहा
तमामहसरतेंहरइकसवालदफ़्नकरचुके
हमारेपासअबकोईसवालहीनहींरहा
तलाश-ए-रिज़्क़मेंयेशामइसतरहगुज़रगई
कोईहैअपनामुंतज़िरख़यालहीनहींरहा
इनआतेजातेरोज़-ओ-शबकिगर्दिशोंकोदेखकर
किसीकेहिज्रकाकोईमलालहीनहींरहा
हमाराक्याबनेगाकुछकुछतोइसपेसोचते
मगरकभीहमेंग़म-ए-मआलहीनहींरहा
तुम्हारेख़ाल-ओ-ख़दपेइककिताबलिखरहेथेहम
मगरतुम्हाराहुस्नबे-मिसालहीनहींरहा
सँवारतानिखारतामैंकैसेअपनेआपको
तुम्हारेबादअपनाकुछख़यालहीनहींरहा
ज़रासीबातसेदिलोंमेंइतनाफ़र्क़गया
तअल्लुक़ातकातोफिरसवालहीनहींरहा
  - Aitbar Sajid
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