ye haseen log hain tu in ki muravvat pe na ja | ये हसीं लोग हैं तू इन की मुरव्वत पे न जा

  - Aitbar Sajid
येहसींलोगहैंतूइनकीमुरव्वतपेजा
ख़ुदहीउठबैठकिसीइज़्नइजाज़तपेजा
सूरत-ए-शम्अतिरेसामनेरौशनहैंजोफूल
उनकीकिरनोंमेंनहाज़ौक़-ए-समाअतपेजा
दिलसीचेक-बुकहैतिरेपासतुझेक्याधड़का
जीकोभाजाएतोफिरचीज़कीक़ीमतपेजा
इतनाकम-ज़र्फ़बनउसकेभीसीनेमेंहैदिल
उसकाएहसासभीरखअपनीहीराहतपेजा
देखताक्याहैठहरकरमिरीजानिबहररोज़
रौज़न-ए-दरहूँमिरीदीदकीहैरतपेजा
तेरेदिल-सोख़्ताबैठेहैंसर-ए-बामअभी
बालखोलेहुएतारोंभरीइसछतपेजा
मेरीपोशाकतोपहचाननहींहैमेरी
दिलमेंभीझाँकमिरीज़ाहिरीहालतपेजा
  - Aitbar Sajid
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy