बहुतसजाएथेआँखोंमेंख़्वाबमैंनेभी
सहेहैंउसकेलिएयेअज़ाबमैंनेभी
जुदाइयोंकीख़लिशउसनेभीनज़ाहिरकी
छुपाएअपनेग़मओइज़्तिराबमैंनेभी
दिएबुझाकेसर-ए-शामसोगयाथावो
बिताईसोकेशब-ए-माहताबमैंनेभी
यहीनहींकिमुझेउसनेदर्द-ए-हिज्रदिया
जुदाइयोंकादियाहैजवाबमैंनेभी
किसीनेख़ूनमेंतरचूड़ियाँजोभेजीहैं
लिखीहैख़ून-ए-जिगरसेकिताबमैंनेभी
ख़िज़ाँकावारबहुतकार-गरथादिलपेमगर
बहुतबचाकेरखायेगुलाबमैंनेभी