phir vahii lambi do-pahrein hain phir vahii dil ki haalat hai | फिर वही लंबी दो-पहरें हैं फिर वही दिल की हालत है

  - Aitbar Sajid
फिरवहीलंबीदो-पहरेंहैंफिरवहीदिलकीहालतहै
बाहरकितनासन्नाटाहैअंदरकितनीवहशतहै
शामकरेंकैसेइसदिनकीठंडीसूरतदेखेंकिनकी
इधरउधरतोधुआँउड़ातीआगउगलतीख़िल्क़तहै
जिसकोहमनेचाहाथावोकहींनहींइसमंज़रमें
जिसनेहमकोप्यारकियावोसामनेवालीमूरतहै
फूलबबूलकेअच्छेहैंलेकिनसाकिततस्वीरोंमें
सचमुचकेसेहराओंकीतोइसदिलजैसीसूरतहै
तेरेबाददुकानोंपरमैंजाकरपूछतारहताहूँ
क्यावोख़ुशबूमिलसकतीहैअबउसकीक्याक़ीमतहै
बड़ेबड़ेसपनेनहींबोएमैंनेअपनेआँगनमें
नन्हीमुन्नीख़ुशियाँहैंमिरीछोटीसीइकजन्नतहै
  - Aitbar Sajid
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