तुम्हेंख़याल-ए-ज़ातहैशुऊर-ए-ज़ातहीनहीं
ख़तामुआ'फ़येतुम्हारेबसकीबातहीनहीं
ग़ज़लफ़ज़ाभीढूँडतीहैअपनेख़ासरंगकी
हमारामसअलाफ़क़तक़लमदवातहीनहीं
हमारीसाअतोंकेहिस्सा-दारऔरलोगहैं
हमारेसामनेफ़क़तहमारीज़ातहीनहीं
वरक़वरक़पेडाइरीमेंआँसुओंकानमभीहै
येसिर्फ़बारिशोंसेभीगेकाग़ज़ातहीनहीं
कहानियोंकारूपदेकेहमजिन्हेंसुनासकें
हमारीज़िंदगीमेंऐसेवाक़िआतहीनहीं
किसीकानामआगयाथायूँँहीदरमियानमें
अबइसकाज़िक्रक्याकरेंजबऐसीबातहीनहीं