mujhe aisa lutf ata kiya ki jo hijr tha na visaal tha | मुझे ऐसा लुत्फ़ अता किया कि जो हिज्र था न विसाल था

  - Aitbar Sajid
मुझेऐसालुत्फ़अताकियाकिजोहिज्रथाविसालथा
मिरेमौसमोंकेमिज़ाज-दाँतुझेमेराकितनाख़यालथा
किसीऔरचेहरेकोदेखकरतिरीशक्लज़ेहनमेंगई
तिरानामलेकेमिलाउसेमेरेहाफ़िज़ेकायेहालथा
कभीमौसमोंकेसराबमेंकभीबाम-ओ-दरकेअज़ाबमें
वहाँउम्रहमनेगुज़ारदीजहाँसाँसलेनामुहालथा
कभीतूनेग़ौरनहींकियाकियेलोगकैसेउजड़गए
कोई'मीर'जैसागिरफ़्ता-दिलतेरेसामनेकीमिसालथा
तिरेबा'दकोईनहींमिलाजोयेहालदेखकेपूछता
मुझेकिसकीआगजलागईमिरेदिलकोकिसकामलालथा
कहींख़ून-ए-दिलसेलिखातोथातिरेसाल-ए-हिज्रकासानेहा
वोअधूरीडाइरीखोगईवोन-जानेकौनसासालथा
  - Aitbar Sajid
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