kaise kahii ki jaan se pyaara nahin raha | कैसे कहीं कि जान से प्यारा नहीं रहा

  - Aitbar Sajid
कैसेकहींकिजानसेप्यारानहींरहा
येऔरबातअबवोहमारानहींरहा
आँसूतिरेभीख़ुश्कहुएऔरमेरेभी
नमअबकिसीनदीकाकिनारानहींरहा
कुछदिनतुम्हारेलौटकेआनेकीआसथी
अबइसउम्मीदकाभीसहारानहींरहा
रस्तेमह-ओ-नुजूमकेतब्दीलहोगए
इनखिड़कियोंमेंएकभीतारानहींरहा
समझेथेदूसरोंसेबहुतमुख़्तलिफ़तुझे
क्यामानलेंकितूभीहमारानहींरहा
हाथोंपेबुझगईहैमुक़द्दरकीकहकशाँ
याराखहोगयावोसितारानहींरहा
तुमए'तिबारउसकेलिएक्यूँँउदासहो
इकशख़्सजोकभीभीतुम्हारानहींरहा
  - Aitbar Sajid
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