raaste ka intikhaab zaroori sa ho gaya | रस्ते का इंतिख़ाब ज़रूरी सा हो गया

  - Aitbar Sajid
रस्तेकाइंतिख़ाबज़रूरीसाहोगया
अबइख़्तिताम-ए-बाबज़रूरीसाहोगया
हमचुपरहेतोऔरभीइल्ज़ामआएगा
अबकुछकुछजवाबज़रूरीसाहोगया
हमटालतेरहेकियेनौबतआनेपाए
फिरहिज्रकाअज़ाबज़रूरीसाहोगया
हरशामजल्दसोनेकीआदतहीपड़गई
हररातएकख़्वाबज़रूरीसाहोगया
आहोंसेटूटतानहींयेगुम्बद-ए-सियाह
अबसंग-ए-आफ़्ताबज़रूरीसाहोगया
देनाहैइम्तिहानतुम्हारेफ़िराक़का
अबसब्रकानिसाबज़रूरीसाहोगया
  - Aitbar Sajid
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