शहर-ए-हवामेंजलतेरहनाअंदेशोंकीचौखटपर
रातगएतकउलझेरहनाबे-मफ़्हूमख़यालोंमें
क़स्र-ए-उम्रगवाहीदेगाकैसेकैसेकर्बसहे
कैसीकैसीरुतगुज़रीहैहमपरइतनेसालोंमें
दोश-ए-ख़लासेख़ाक-ए-ज़मींपरउतरेतोएहसासहुआ
तारेबाँटनेवालेराहीपड़गएकिनजंजालोंमें
लेआईकिसक़र्या-ए-शबमेंइकझूटेमहताबकीचाह
सायासायाभटकरहाहूँबे-तनवीरउजालोंमें
मौसममौसमयहीरहागरख़ुशबूकीतहक़ीरकारंग
सीसेकीकलियाँफूटेंगीअबलोहेकीडालोंमें
'साजिद'अबतकभुगतरहेहैंइकबे-अंतसज़ाकीउम्र
अपनानामलिखाबैठेथेइकदिनजीनेवालोंमें