sataish na keejie tabarra sahi | सताइश न कीजिए तबर्रा सही

  - Ainuddin Azim
सताइशकीजिएतबर्रासही
नहींबिन्त-ए-अंगूरठर्रासही
तअस्सुरनहींउनकेरुख़परहो
हैक़ुरआँतोक़ुरआँमुअर्रासही
मगरकितनेसूरजहैंदुश्मनमिरे
मिरीहैसियतएकज़र्रासही
कहाँचैनतेरेजुनूँ-कारको
ग़म-ए-दो-जहाँसेमुबर्रासही
बदनदरबदनइश्क़रूह-ए-रवाँ
ज़माँदरज़माँएकढर्रासही
र'ऊनतग़रीबीकामहसूलहै
सुखीकोसख़ावतकाग़र्रासही
पिएँगेयूँँहीहँसकेहमज़हर-ए-ग़म
हमारेलिएरोज़-मर्रासही
मिलाकुछतोक़ातिलसे'आज़िम'तुम्हें
पस-ए-दाग़-ए-दिलएकछर्रासही
  - Ainuddin Azim
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