mujhi men jeeta hai suraj tamaam hone tak | मुझी में जीता है सूरज तमाम होने तक

  - Ainuddin Azim
मुझीमेंजीताहैसूरजतमामहोनेतक
मैंअपनेजिस्ममेंआताहूँशामहोनेतक
ख़बरमिलीहैमुझेआजअपनेहोनेकी
कहींयेझूटहोजाएआमहोनेतक
कहाँयेजुरअत-ए-इज़हारथीकिसीशयमें
सुकूत-ए-शबसेमिरेहम-कलामहोनेतक
येपुख़्तगीथीग़मोंमेंधड़कनोंमेंसबात
तुम्हारेदर्दकादिलमेंक़यामहोनेतक
येचाँदतारेमिरीदस्तरससेदूरनहीं
किफ़ासलेहैंमिरेतेज़-गामहोनेतक
गुज़ररहेहैंनज़रसेनज़रमिलाएबग़ैर
ठहरभीजाइएएकएकजामहोनेतक
दिएबुझादिएजातेहैंसुब्हतक'आज़िम'
मिराहवालादियाउसनेनामहोनेतक
  - Ainuddin Azim
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