la-makaan se bhi pare KHud se mulaqaat karen | ला-मकाँ से भी परे ख़ुद से मुलाक़ात करें

  - Ainuddin Azim
ला-मकाँसेभीपरेख़ुदसेमुलाक़ातकरें
खुलकेतन्हाईकीवुसअतपेज़राबातकरें
हरबड़ेनामकोछोटोंसेजिलामिलतीहै
शहरकीहाशिया-आराईमज़ाफ़ातकरें
लाजवीरानीकीरखनीहैचलोअहल-ए-जुनूँ
आबला-पाईसेआबादख़राबातकरें
खेतसूखेतोहवाफिरसेसनकजाएगी
आपबादलहैंतोदावानहींबरसातकरें
गुलनवाज़ोहमेंकाँटोंनेनवाज़ाहैबहुत
हमपेवाजिबहैकिज़ख़्मोंकीमुदारातकरें
ऐश-ए-आवारगीक्याक्याथेतिरीगलियोंमें
सोचकीपरियाँवहींअबगुज़रऔक़ातकरें
मैंअगरज़िक्रभीउसकाकरूँँशे'रोंमें
इस्तिआ'रातअलामातइशारातकरें
मत्नकोहुस्नकेएराबअताहमनेकिए
हमसेतशरीहतलबजिस्मकीआयातकरें
ग़ैरमहरमसेबचाअपनीग़ज़लको'आज़िम'
छेड़ख़्वानीकहींमौलवीहज़रातकरें
  - Ainuddin Azim
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