awaaz ke saudaagaron men itni fankaari to hai | आवाज़ के सौदागरों में इतनी फ़नकारी तो है

  - Ainuddin Azim
आवाज़केसौदागरोंमेंइतनीफ़नकारीतोहै
शेर-ओ-अदबकेनामहीपरगर्म-बाज़ारीतोहै
कोईकहेकोईसुनेकोईलिखेकोईपढ़े
हरदिलकोबहलाएग़ज़लबिकजाएबेचारीतोहै
कव्वोंकेआगेगुंगहैंक्यातूतियाँकिबुलबुलें
अहल-ए-चमनहैंमुतमइनरस्म-ए-सुख़नजारीतोहै
मानाज़मीन-ए-कर्बलापरदस्तरसमुमकिननहीं
लेकिनसर-ए-कूफ़ायज़ीदोंकीअमल-दारीतोहै
इनशाइरोंमेंएकदोशाएरभीहैंमहफ़िल-ज़दा
सद-आफ़रींइनठेका-दारोंमेंरवा-दारीतोहै
किसनेकहा'आज़िम'ख़ुशामदजी-हुज़ूरीऐबहै
राह-ए-तलबहमवारकरनेकीकला-कारीतोहै
  - Ainuddin Azim
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