mere hamraah sitaare kabhi jugnoo nikle | मेरे हमराह सितारे कभी जुगनू निकले

  - Ainuddin Azim
मेरेहमराहसितारेकभीजुगनूनिकले
जुस्तुजूमेंतिरीहररातमुहिम-जूनिकले
तेरीरोतीहुईआँखेंहैंमिरीआँखोंमें
वर्नापत्थरमेंकहाँजानकिआँसूनिकले
साँसलेनेकीजसारतभीकरपाऊँगा
जिस्मसेमेरेजोपलभरकेलिएतूनिकले
अहल-ए-दिलयूँँहीतर-ओ-ताज़ानहींरखतेउन्हें
ज़ख़्मभरजाएँतोमुमकिननहींख़ुशबूनिकले
ज़िक्रमेंतेरेगवारानहींइतनाभीमुझे
मा-सिवातेरेकोईऔरभीपहलूनिकले
तेरीचौखटपेपहुँचनाहैसलामतमुझको
जानप्यासेकीजोनिकलेतोलब-ए-जूनिकले
मैंवोनादानकिढूँडूँकोईअपनेजैसा
औरअहबाबथे'आज़िम'किअरस्तूनिकले
  - Ainuddin Azim
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