pyaas badhti hui taa-hadd-e-nazar paani tha | प्यास बढ़ती हुई ता-हद्द-ए-नज़र पानी था

  - Ain Tabish
प्यासबढ़तीहुईता-हद्द-ए-नज़रपानीथा
रू-ब-रूकैसाअजबमंज़र-ए-हैरानीथा
रास्ताबंदथाऔरशौक़-ए-सफ़रथाबाक़ी
एकअफ़्सानाजुनूँकाथाजोतूलानीथा
एकख़ुश्बूथीजोमल्बूसपेताबिंदाथी
एकमौसमथामिरेसरपेजोतूफ़ानीथा
दम-ब-ख़ुदएकतमाशा-ए-फ़नाथाहर-सू
शोरकरताहुआइकशौक़-ए-जहाँबानीथा
ख़ुद-पसंदीकाअजबवहमथासबपरतारी
जैसेकोईभीकिसीकायहाँसानीथा
  - Ain Tabish
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