qissa-e-khwab hooñ haasil nahin koi meraa | क़िस्सा-ए-ख़्वाब हूँ हासिल नहीं कोई मेरा

  - Ain Tabish
क़िस्सा-ए-ख़्वाबहूँहासिलनहींकोईमेरा
ऐसामक़्तूलकिक़ातिलनहींकोईमेरा
हैबपामुझमेंअजबमा'रका-ए-सूद-ओ-ज़ियाँ
इसलड़ाईमेंमुक़ाबिलनहींकोईमेरा
बहताजाताहूँमैंगुमनामजज़ीरोंकीतरफ़
वोसमुंदरहूँकिसाहिलनहींकोईमेरा
हैअजबबातकिदुश्मनकातरफ़-दारभीहै
ऐसालगताहैकियेदिलनहींकोईमेरा
रोज़देताहैमिरेसामनेऔरोंकीमिसाल
औरकहताहैमुमासिलनहींकोईमेरा
  - Ain Tabish
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