bala ki dhoop thii main jal raha tha | बला की धूप थी मैं जल रहा था

  - Ain Irfan
बलाकीधूपथीमैंजलरहाथा
बदनउसकाथाऔरसायामिराथा
ख़राबेमेंथाइकऐसाख़राबा
जहाँमैंसबसेछुपकेबैठताथा
बहुतनज़दीकथेतस्वीरमेंहम
मगरवोफ़ासलाजोदिखरहाथा
जहाज़ीक़ाफ़िलाडूबाथापहले
समुंदरबा'दमेंऊपरउठाथा
ज़मीन-ओ-आसमाँसाकितपड़ेथे
मिरेकमरेकापंखाचलरहाथा
उसेभीइश्क़कीआदतनहींथी
मिराभीपहलापहलातजरबाथा
मुझेजबतकतलाशारौशनीने
मैंपूरातीरगीकाहोचुकाथा
  - Ain Irfan
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