ho din ki chahe raat koi mas'ala nahin | हो दिन कि चाहे रात कोई मसअला नहीं

  - Ain Irfan
होदिनकिचाहेरातकोईमसअलानहीं
मेरेलिएहयातकोईमसअलानहीं
उलझाहुआहूँकबसेसवालोंकेदश्तमें
कैसेकहूँमैंज़ातकोईमसअलानहीं
चलनाहैसाथसाथकिराहेंबदललेंहम
तूसोचमेरेसाथकोईमसअलानहीं
जोहोमुफ़ीदआपवहीफ़ैसलाकरें
मानेंमेरीबातकोईमसअलानहीं
सहराकीतेज़धूपमुझेगईहैरास
जंगलकीसर्दरातकोईमसअलानहीं
'इरफ़ान'अपनेसाथकभीरहकेदेखना
ख़ुदसेतअल्लुक़ातकोईमसअलानहीं
  - Ain Irfan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy