vahshat-e-dil mirii kashkol-e-gadaai maange | वहशत-ए-दिल मिरी कश्कोल-ए-गदाई माँगे

  - Ahsan Gulfam
वहशत-ए-दिलमिरीकश्कोल-ए-गदाईमाँगे
जिस्मकीक़ैदसेतदबीर-ए-रिहाईमाँगे
कितनीहस्सासअदालतहैमिरेमुल्कतिरी
जोकिमज़लूमसेआहोंकीसफ़ाईमाँगे
एकक़तरापिलाएँकभीदीदारकाजो
दिलमिराऐसेहसीनोंसेदुहाईमाँगे
क्यामैंदूँगाउसेरुस्वाई-ओ-ज़िल्लतकेसिवा
बापमेराकभीमेरीजोकमाईमाँगे
अभीभटकानहींपूरीतरहअहसन'गुलफ़ाम'
औरथोड़ीसीज़राराह-नुमाईमाँगे
  - Ahsan Gulfam
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