aise hi nahin itni ye shauqeen hui hai | ऐसे ही नहीं इतनी ये शौक़ीन हुई है

  - Ahsan Gulfam
ऐसेहीनहींइतनीयेशौक़ीनहुईहै
तहरीरमिरीख़ूनसेरंगीनहुईहै
अक़्ल-ए-गुनहगारतिरीबातमेंकर
शहर-ए-दिल-ए-जज़्बातकीतौहीनहुईहै
गुज़रेगीक़यामतअभीइकसम्तगुमाँसे
आँखोंकोखुलारखनेकीतल्क़ीनहुईहै
इसशहर-ए-दिल-आज़ारकेहरकूचेगलीमें
ख़्वाबोंकीबड़ीधूमसेतदफ़ीनहुईहै
उठताहैदीवानोंकायहाँरोज़जनाज़ा
अर्ज़-ए-वतनतूभीफ़िलिस्तीनहुईहै
हूँइसलिए'गुलफ़ाम'शगुफ़्तामैंगुलोंसे
काँटोंसेमिरेहुस्नकीतज़ईनहुईहै
  - Ahsan Gulfam
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