आयाहीनहींकोईबोझअपनाउठानेको
कबतकमैंछुपारखताइसख़्वाब-ख़ज़ानेको
देखानहींरुख़करतेजिसतरफ़ज़मानेको
जीचाहताहैअक्सरउससम्तहीजानेको
येशग़्ल-ए-ज़बानीभीबे-सर्फ़ानहींआख़िर
सौबातबनाताहूँइकबातबनानेको
इसकुंज-ए-तबीअतकीमुमकिनहैहवाबदले
झोंकाकोईआजाएपत्तेहीउड़ानेको
राज़ीनहुआमैंभीमानूसमनाज़िरपर
तय्यारनथावोभीकुछऔरदिखानेको
जैसाकिसमझतेहोवैसातोनहींकुछभी
येसारातमाशाहैइकवहममिटानेको