log kahte the vo mausam hi nahin aane ka | लोग कहते थे वो मौसम ही नहीं आने का

  - Ahmad Mahfuz
लोगकहतेथेवोमौसमहीनहींआनेका
अबकेदेखातोनयारंगहैवीरानेका
बननेलगतीहैजहाँशे'रकीसूरतकोई
ख़ौफ़रहताहैवहींबातबिगड़जानेका
हमकोआवारगीकिसदश्तमेंलाईहैकिअब
कोईइम्काँहीनहींलौटकेघरजानेका
दिलकेपतझड़मेंतोशामिलनहींज़र्दीरुख़की
रंगअच्छानहींइसबाग़केमुरझानेका
खागईख़ूनकीप्यासीवोज़मींहमकोही
शौक़थाकूचा-ए-क़ातिलकीहवाखानेका
  - Ahmad Mahfuz
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy