qayamat se qayamat se guzaare ja rahe the | क़यामत से क़यामत से गुज़ारे जा रहे थे

  - Ahmad Khayal
क़यामतसेक़यामतसेगुज़ारेजारहेथे
येकिनहाथोंहज़ारोंलोगमारेजारहेथे
सुनहरीजल-परीदेखीतोफिरपानीमेंकूदे
वगर्नाहमतोदरियाकेकिनारेजारहेथे
समुंदरएकक़तरेमेंसमेटाजारहाथा
शुतुरसूईकेनाकेसेगुज़ारेजारहेथे
चमन-ज़ारोंमेंख़ेमा-ज़नथेसहराओंकेबासी
हरेमंज़रनिगाहोंमेंउतारेजारहेथे
सभीतालाबफूलोंऔरकिरनोंसेभराथा
बदनख़ुश-रंगपानीसेनिखारेजारहेथे
  - Ahmad Khayal
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy