kal KHvaab men ik pari mili thii | कल ख़्वाब में इक परी मिली थी

  - Ahmad Ata
कलख़्वाबमेंइकपरीमिलीथी
इकबोसेकेब'अदउड़गईथी
मैंउसकेलिएधनकबनाथा
वोऔरहीरंगढूँढतीथी
देवीथीजिसेमैंपूजताथा
वोऔरकिसीकोसोचतीथी
मैंराह-ए-गुनाहपरचलाथा
इसराहमेंकैसीतीरगीथी
छेरास्तेवाँनिकलरहेथे
इकसम्तज़रासीरौशनीथी
आख़िरमैंदु'आमेंढलचुकाथा
दुनियामुझेकेदेखतीथी
  - Ahmad Ata
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