वोअपनेजुज़्वमेंखोयागयाहैइसहदतक
किउसकीफ़हमसेबाहरहैकलकीअबजदतक
खड़ीहैंरौशनियाँदस्त-बस्तासदियोंसे
हिराकेग़ारसेलेकरगयाकेबरगदतक
उठेतोउसकेफ़ुसूँसेलहकलहकजाए
नज़रपहुँचनसकेउसकीक़ामत-ओ-क़दतक
पताचलाकिहरारतनहींरहीदिलमें
गुज़रकेआगसेआएथेअपनेमक़्सदतक
वहीअसासबनाउम्रकेहिसाबोंकी
पहाड़ायादकियाथाजोएकसेसदतक
वहीजोदोशपरअपनेउठासकाख़ुदको
नशेब-ए-फ़र्शसेपहुँचाफ़राज़-ए-मसनदतक