panjo ke bal khade hue shab ki chataan par | पंजों के बल खड़े हुए शब की चटान पर

  - Aftab Iqbal Shamim
पंजोंकेबलखड़ेहुएशबकीचटानपर
नाख़ुनसेइकख़राशलगाआसमानपर
बरसोंदरून-ए-सीनासुलगनाहैफिरहमें
लगताहैक़ुफ़्ल-ए-हब्सहवाकेमकानपर
इकधाड़हैकिचारोंतरफ़सेसुनाईदे
गिर्दाब-ए-चश्मबनगईंआँखेंमचानपर
मौजूदभीकहींकहींइल्तवामेंहै
जोहैनिशानपरवोनहींहैनिशानपर
उसमेंकमालउसकीख़बर-साज़ियोंकाहै
खाताहूँमैंफ़रेबजोसचकेगुमानपर
सरकशकोनिस्फ़उम्रकाहोलेनेदीजिए
बिकजाएगाकिसीकिसीकीदुकानपर
  - Aftab Iqbal Shamim
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy