ishq men ye majboori to ho jaati hai | इश्क़ में ये मजबूरी तो हो जाती है

  - Aftab Iqbal Shamim
इश्क़मेंयेमजबूरीतोहोजातीहै
दुनियाग़ैर-ज़रूरीतोहोजातीहै
एकअना-ए-बे-चेहराकेबदलेमें
चलिएकुछमशहूरीतोहोजातीहै
दिलऔरदुनियादोनोंकोख़ुशरखनेमें
अपने-आपसेदूरीतोहोजातीहै
लफ़्ज़ोंमेंख़ालीजगहेंभरलेनेसे
बातअधूरी,पूरीतोहोजातीहै
जज़्बाहैजोरोज़केज़िंदारहनेका
हमसेवोमज़दूरीतोहोजातीहै
  - Aftab Iqbal Shamim
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