leta nahin hooñ kuchh bhi kisi kii dukaan se | लेता नहीं हूँ कुछ भी किसी की दुकान से

  - Prashant Kumar
लेतानहींहूँकुछभीकिसीकीदुकानसे
सुनतारहाहूँगालियाँफिरभीजहानसे
जल्दीनहींउतरतेसुख़न-वरमिरीतरह
आयाहूँतीसरीसदीमेंआसमानसे
सस्तेमेंमिलरहाहैबड़ाशानदारदिल
इकहीबचाहैलेनाहोलेलोदुकानसे
रोतेहुएजोथकगयाफिरकीहैख़ुद-कुशी
निकलानहींथारातकोईभीमकानसे
मुझकोतोउन
मेंएकभीइंसाँनहींदिखा
आसेबहीतोनिकलेतिरेखानदानसे
  - Prashant Kumar
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