jaaunga nahin chhod ke dildaar kii dhadkan | जाऊँगा नहीं छोड़ के दिलदार की धड़कन

  - Prashant Kumar
जाऊँगानहींछोड़केदिलदारकीधड़कन
रोएगीबहुतमेरेबिनायारकीधड़कन
जिसरोज़कहूँआजमुझेबातकरनी
मुश्किलसेबहलतीहैमिरेयारकीधड़कन
अबदिलकीग़रीबीपेतुमउँगलीउठाना
रहतीहैमिरेसाथज़मींदारकीधड़कन
दिलआजतलकभीमिरातन्हाहुआहै
रहतीहैसदापासमेंदोचारकीधड़कन
दुनियाकेदिलोंमेंतोमैंबसताहूँमगरसुन
बसतीहैमिरेदिलमेंतिरेप्यारकीधड़कन
  - Prashant Kumar
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