अँधेरीरातमेंवोख़्वाबमेरेदेखतीहोगी
अभीबादलहीगरजेहैंअभीबरसातभीहोगी
निगाहेंदेखकरहमकोकिजिसदिनफेरलोगेतुम
तुम्हारेदुश्मनोंसेफिरहमारीदोस्तीहोगी
बरसतीतोबहुतहोगीमोहब्बतफिरनिगाहोंसे
अगररातोंमेंशिद्दतसेमिरेख़तखोलतीहोगी
कभीमंदिरमेंजाकरतोकभीमस्जिदमेंजाकरके
कहाँहैमेरादीवानाख़ुदासपूछतीहोगी
निगाहेंमिलरहीतोहैंमगरवोबातथोड़ीहै
निगाहोंहीनिगाहोंमेंमुझेवोकोसतीहोगी
बुलातेतोहोमहफ़िलमेंमगरयेजानलोहमदम
तुम्हारीबज़्ममेंहीरातमेरीआख़िरीहोगी
'प्रशांत'अपनीमोहब्बतकाकिसीनेज़िक्रछेड़ाहै
हक़ीक़तवोकिसीकोनेमेंबैठीरोरहीहोगी