मौज़ोंकीतरहखुलकरदड़बासनिकलतीहैं
हमजामलगातेहैंवोआगउगलतीहैं
अँगड़ाईतुम्हारीतोक़ारूनख़ज़ानाहै
जबहाथउठातेहोमोहरेंसीनिकलतीहैं
अफ़्लाकज़मींछोड़ोपरियाँभीमुलाज़िमहैं
नहलातीतोहैंहीफिरकपड़ेभीबदलतीहैं
जिसरोज़अगरजाऊँघरहाथपसारेमैं
फिरख़ूबझगड़तीहैंमुश्किलसेबहलतीहैं
हमबाम-ए-फ़लकउनकोजिसरोज़बुलातेहैं
तोख़ूबसतातीहैंआवाज़बदलतीहैं
हमग़मकेअँधेरेमेंजबघरसेनिकलतेहैं
गर्दिशकीतरहख़ुशियाँफिरसाथमेंचलतीहैं