teri aagosh men sar rakkha sisak kar roye | तेरी आग़ोश में सर रक्खा सिसक कर रोए

  - Abbas Qamar
तेरीआग़ोशमेंसररक्खासिसककररोए
मेरेसपनेमेरीआँखोंसेछलककररोए
सारीख़ुशियोंकोसरेआमझटककररोए
हमभीबच्चोंकीतरहपाँवपटककररोए
रास्तासाफ़थामंज़िलभीबहुतदूरथी
बीचरस्तेमेंमगरपाँवअटककररोए
जिसघड़ीक़त्लहवाओंनेचराग़ोंकाकिया
मेरेहमराहजोजुगनूथेफफककररोए
क़ीमतीज़िदथीग़रीबीभीभलाक्याकरती
माँकेजज़्बातदुलारोंकोथपककररोए
अपनेहालातबयाँकरकेजोरोईधरती
चाँदतारेकिसीकोनेमेंदुबककररोए
बा-मशक्कतभीमुकम्मलहुईअपनीग़ज़ल
चंदनुक्तेमेरेकाग़ज़सेसरककररोए
  - Abbas Qamar
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