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Shubham Rai 'shubh'
bakht achha hua so milne aa.e hain
bakht achha hua so milne aa.e hain | बख़्त अच्छा हुआ सो मिलने आए हैं
- Shubham Rai 'shubh'
बख़्त
अच्छा
हुआ
सो
मिलने
आए
हैं
वर्ना
तो
लोग
काफ़ी
व्यस्त
रहते
हैं
- Shubham Rai 'shubh'
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ख़ुद
बुलाओ
के
वो
यूँँ
घर
से
नहीं
निकलेगा
यहाँ
इनाम
मुक़द्दर
से
नहीं
निकलेगा
ऐसे
मौसम
में
बिना
काम
के
आया
हुआ
शख़्स
इतनी
जल्दी
तेरे
दफ़्तर
से
नहीं
निकलेगा
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Khurram Afaq
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कहीं
गुलाल
के
हिस्से
में
कोई
गाल
नहीं
कहीं
पे
गाल
की
तक़दीर
में
गुलाल
नहीं
Harman Dinesh
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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किसी
को
साल-ए-नौ
की
क्या
मुबारकबाद
दी
जाए
कैलन्डर
के
बदलने
से
मुक़द्दर
कब
बदलता
है
Aitbar Sajid
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कुछ
एक
की
हम
जैसी
क़िस्मत
होती
है
बाकी
सब
की
अच्छी
क़िस्मत
होती
है
Bhaskar Shukla
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कभी
मैं
अपने
हाथों
की
लकीरों
से
नहीं
उलझा
मुझे
मालूम
है
क़िस्मत
का
लिक्खा
भी
बदलता
है
Bashir Badr
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अपनी
कि़स्मत
में
ही
जब
इश्क़
नहीं
है
यारो
किसलिए
अश्क-ए-लहू
इश्क़
में
जाया
करना
Ajeetendra Aazi Tamaam
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तदबीर
के
दस्त-ए-रंगीं
से
तक़दीर
दरख़्शाँ
होती
है
क़ुदरत
भी
मदद
फ़रमाती
है
जब
कोशिश-ए-इंसाँ
होती
है
Hafeez Banarasi
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ये
ज़ुल्फ़
अगर
खुल
के
बिखर
जाए
तो
अच्छा
इस
रात
की
तक़दीर
सँवर
जाए
तो
अच्छा
जिस
तरह
से
थोड़ी
सी
तेरे
साथ
कटी
है
बाक़ी
भी
उसी
तरह
गुज़र
जाए
तो
अच्छा
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Sahir Ludhianvi
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परिंद
पेड़
से
परवाज़
करते
जाते
हैं
कि
बस्तियों
का
मुक़द्दर
बदलता
जाता
है
Asad Badayuni
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नसीब
लिखने
वालें
ने
क्या
कमाल
लिखा
है
ज़मीर
पे
मेरे
धब्बा
उसे
रुमाल
लिखा
है
मुरीद
हूँ
मैं
शिक्षा
का
मज़ीद
ज्ञान
नहीं
है
जवाब
मुश्किल
हो
ऐसा
उसे
सवाल
लिखा
है
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Shubham Rai 'shubh'
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सवाल
क्या
है
जवाब
क्या
है
खुले
न
आँखें
तो
ख़्वाब
क्या
है
ज़बाँ
सही
है
अगर
तुम्हारी
तू
ही
बता
फिर
ख़राब
क्या
है
मिटेंगे
हम
तो
मिटोगे
तुम
भी
या
पूछ
राह-ए-सवाब
क्या
है
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Shubham Rai 'shubh'
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ख़ूब
प्यारा
किनारा
हो
सकता
है
एक
तिनका
सहारा
हो
सकता
है
आज
ईमान
का
माने
वा'दा
है
क़ौल
उसके
गुज़ारा
हो
सकता
है
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Shubham Rai 'shubh'
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इक
दफ़ा
गुज़रे
कभी
फिर
से
गुज़र
जाएँगे
ऐ
मोहब्बत
अब
तुझे
इनकार
कर
जाएँगे
Shubham Rai 'shubh'
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पैर
रखकर
काँधे
पर
जिसके
चढ़ना
सीखा
है
तुम
उसे
समझा
रहे
सीढ़ी
कैसी
होती
है
Shubham Rai 'shubh'
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