hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tarun Bharadwaj
apna bhi aaraam khoya mujhko bhi bismil kiya
apna bhi aaraam khoya mujhko bhi bismil kiya | अपना भी आराम खोया मुझको भी बिस्मिल किया
- Tarun Bharadwaj
अपना
भी
आराम
खोया
मुझको
भी
बिस्मिल
किया
तोड़कर
मुझ
सेे
त'अल्लुक़
तूने
क्या
हासिल
किया
- Tarun Bharadwaj
Download Sher Image
ये
मुझे
चैन
क्यूँँॅं
नहीं
पड़ता
एक
ही
शख़्स
था
जहान
में
क्या
Jaun Elia
Send
Download Image
503 Likes
हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
Send
Download Image
63 Likes
सुकून
ए
क़ल्ब
होता
है
मुयस्सर
तेरा
जब
नाम
आता
है
लबों
पर
Kiran K
Send
Download Image
19 Likes
बैठे
हैं
चैन
से
कहीं
जाना
तो
है
नहीं
हम
बे-घरों
का
कोई
ठिकाना
तो
है
नहीं
तुम
भी
हो
बीते
वक़्त
के
मानिंद
हू-ब-हू
तुम
ने
भी
याद
आना
है
आना
तो
है
नहीं
Read Full
Rehman Faris
Send
Download Image
75 Likes
जो
चराग़
सारे
बुझा
चुके
उन्हें
इंतिज़ार
कहाँ
रहा
ये
सुकूँ
का
दौर-ए-शदीद
है
कोई
बे-क़रार
कहाँ
रहा
Ada Jafarey
Send
Download Image
30 Likes
दिल
है
परेशाँ
उन
की
ख़ातिर
पल
भर
को
आराम
नहीं
है
Anwar Taban
Send
Download Image
27 Likes
बे
तेरे
क्या
वहशत
हम
को
तुझ
बिन
कैसा
सब्र-ओ-सुकूँ
तू
ही
अपना
शहर
है
जानी
तू
ही
अपना
सहरा
है
Ibn E Insha
Send
Download Image
18 Likes
इतना
तो
ज़िन्दगी
में
किसी
के
ख़लल
पड़े
हँसने
से
हो
सुकून
न
रोने
से
कल
पड़े
जिस
तरह
हँस
रहा
हूँ
मैं
पी
पी
के
गर्म
अश्क
यूँँ
दूसरा
हँसे
तो
कलेजा
निकल
पड़े
Read Full
Kaifi Azmi
Send
Download Image
34 Likes
हुआ
जो
इश्क़
तो
वो
रोज़
ओ
शब
को
भूल
गए
वो
अपने
इश्क़
ए
नुमाइश
में
सब
को
भूल
गए
कहाँ
वो
दुनिया
में
आए
थे
बंदगी
के
लिए
मिला
सुकून
जहाँ
में
तो
रब
को
भूल
गए
Read Full
Hameed Sarwar Bahraichi
Send
Download Image
8 Likes
एक
ही
शख़्स
नहीं
होता
सदा
दिल
का
सुकूँ
एक
करवट
पे
कभी
नींद
नहीं
आ
सकती
Rehan Mirza
Send
Download Image
6 Likes
Read More
सारी
नमी
को
सोख
के
सहरा
को
तर
कर
दूँ
बादल
बनूँ
तो
यूँँ
बनूँ
दरिया
को
तर
कर
दूँ
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
पढ़े-लिखे
बालक
तेरी
क्या
ज़िम्मेदारी
है
सामने
भूखा
बच्चा
है
और
माँ
दुखियारी
है
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
ज़िंदगी
इस
तरह
कुछ
अपनी
बसर
होती
रही
चाह
फूलों
की
थी
काँटों
पर
गुज़र
होती
रही
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
मेरा
दिल
तुम
शौक़
से
तोड़ो
एक
तजुर्बा
और
सही
जलता
दीपक
आके
बुझा
दो
दिल
में
अँधेरा
और
सही
भीड़
में
तन्हा
रहता
हूँ
मैं
मंज़र
आकर
देख
लो
ये
लाख
तमाशे
देखे
होंगे
एक
तमाशा
और
सही
Read Full
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
1 Like
तुम्हें
भूल
जाऊँ
सही
में
न
आँसू
बहाऊँ
सही
में
Tarun Bharadwaj
Send
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Hawa Shayari
Aashiq Shayari
Dushmani Shayari
Ilm Shayari
Irada Shayari